मामले मे बढ सकती है धोखाधडी की धाराए, भोपाल, इंदोर की होटलो मे बुक रहते थे कमरे

पेशी पर जाते समय कहा- हमे क्यो पकडा है, हरभजन को पकडो, फरियादी इंजिनियर हरभजन को निंलबित करने की तैयारी
राजधानी क्राईम ब्रांच पर उठे सवाल, दो महीने पहले मिली थी शिकायत नही की कार्यवाही
दिग्विजय ने साधा
भोपाल(ईएमएस)। प्रदेशभर को हिला देने वाले हनी ट्रैप मामले में कोर्ट ने आरोपी युवती आरती दयाल और मोनिका यादव को 27 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर दोबार सोंप दिया है। वही मामले मे उनके साथी आरोपी ड्राइवर ओमप्रकाश को 4 अक्टूबर तक जेल भेज दिया गया है। रविवार को आरोपियों का एमवाय अस्पताल में मेडिकल करवाने के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया था। जानकारी के अनुसार न्यायाधीश अब्दुल्ला अहमद द्वारा रिमांड की अवधि बढ़ाए जाने के बाद पुलिस आरोपी मोनिका और आरती को लेकर महिला थने पहुंची तो वहां दोनों की तबीयत खराब हो गई। मोनिका तो बेहोश ही हो गई, जिसके बाद पुलिस उन्हें लेकर तुरंत एमवाय अस्पताल पहुंची जहां उनका उपचार किया जा रहा है। इससे पहले कोर्ट में पेशी के लिए जा रही आरती ने मीडिया से बातचीत की। आरती ने कहा, हमें क्यों पकड़ा है, हरभजन को पकड़ो। मीडियाकर्मियो ने जब आरती से पूछा कि इस हनीट्रैप मामले में उनके साथ ओर कौन-कौन शामिल है? इस पर आरती ने चुप्पी साध ली। वही महापौर मालिनी गौड़ ने नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह से मामले में चर्चा कर निगम अधिकारी हरभजन के निलंबन की अनुशंसा की है। सूत्रों के अनुसार हरभजन सिंह से निगम के सभी विभागों का प्रभार वापस ले लिया गया है। वही ब्लेकमेलिंग मामले मे अब आरोपी महिलाओ की मुशकिले बढती नजर आ रही है। गोरतलब है की रविवार को कोर्ट मे पेश करने से पहले शनिवार देर रात पुलिस टीम आरती ओर मोनिका को लेकर विजय नगर स्थित होटल इन्फिनिटी और होटल श्री पहुंचीं थी। यहां जांच में सामने आया कि 18 अगस्त को होटल श्री में खुद हरभजन ने रूम बुक करवाया था। 30 अगस्त को होटल इन्फिनिटी में मोनिका और आरती के साथ एक और लड़की रूपा अहिरवार भी आई थी। मोनिका ने हर जगह फर्जी आधार कार्ड सीमा पुत्री राजेश सोनी निवासी जबलपुर के नाम से दिखाया था। पुलिस अब मामले मे रुपा अहिरवार नामक यूवती की भी तलाश कर रही है। वही होटल का रिकार्ड चेक करने पर सामने आया की होटल इनफिनिटी में मोनिका यादव ने रुकने के लिए फर्जी नाम का उपयोग किया था। वह सीमा सोनी के नाम से होटल में रुकी थी। इस नाम का फर्जी आधार कार्ड भी होटल को दिखाया था। शनिवार रात पुलिस ने होटल के रिकॉर्ड जब्त किए तो उसमें फर्जी आधार कार्ड का खुलासा हुआ। इस होटल में रूपा अहिरवार नामक महिला का रुकना भी पाया गया। इस महिला का नाम पहली बार सामने आया है। अभी तक यह महिला पुलिस रिकॉर्ड में नहीं आई थी। इसके बाद पुलिस अब मामले मे चार सौ बीसी सहित अन्य धाराऐ बढाने की तैयारी मे है। वही पुलिस अब एक अन्य महिला रुपा अहिरवार की भी पहचान जुटाने की कोशिश कर रही है।

  • हनीट्रैप मामले मे कई निर्दोषे को फंसाया गया- कम्प्यूटर बाबा
    हाई प्रोफाइल हनीट्रेप मामले को लेकर प्रदेश की सियासत मे उबाल आया हुआ है, ब्लैकमेलर महिला आरोपियों के पोलिटिकल कनेक्शन की बात सामने आने के बाद एक दुसरे के खिलाफ जुबानी जंग भी तेज हो गई है। इस बीच कंप्यूटर बाबा ने भी हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले को लेकर बयान दिया है। उनका कहना है मामले में कई निर्दोष लोगों को भी फंसाया गया है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ऐसे मामलों में दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी होता है। कंप्यूटर बाबा ने भी हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में शामिल सभी लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है, उनका कहना है कि इस मामले में कई निर्दोष लोगों को भी फंसाया गया है, मैं प्रदेश की कमलनाथ सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों का नाम सार्वजनिक किए जाने की मांग करता हूं, मुझे यकीन है कमलनाथ सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी|।
  • जांच पर उठ रहे सवाल
    हनी ट्रैप कांड की जांच के बीच शनिवार को इंदौर एसएसपी ने पलासिया थाना प्रभारी अजीत सिंह बैस को लाइन हाजिर कर दिया. हड़कंप मचाने वाले मामले की जांच के दौरान थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अचानक हुई इस कार्यवाही को लेकर राजनीति से लेकर पुलिस विभाग मे कई तरह की चर्चाऐ जारी है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी आरती दयाल और मोनिका यादव से 48 घंटे से ज्यादा की पूछताछ हो चुकी है. मोनिका यादव ने पूछताछ में खुद को बेकसूर बताया है, वहीं पुलिस के मुताबिक आरती ने कई राज उगले हैं. इधर, भोपाल से गिरफ्तार तीनों आरोपी युवतियां अभी जेल में हैं, जिनकी जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है। वही पूरे मामले मे राजधानी क्राइम ब्रांच पर दो महीने पहले ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के बाद भी मामले की जांच में गंभीरता नहीं दिखाये जाने को लेकर कई सवाल उठ रहे हे। जानकारी के अनुसार पीआर कंपनी के संचालक ने भोपाल क्राइम ब्रांच से की गई अपनी शिकायत में हनी ट्रैप कांड की आरोपी महिला के ऊपर 50 लाख रुपए मांगने की बात कही थी, ब्लैकमेलिंग में फंसे संचालक ने 20 लाख रुपए दे भी दिए थे। इसके बाद भी जब महिला नहीं मानी, तब उसने क्राइम ब्रांच से शिकायत की थी। अब जबकि हनी ट्रैप कांड सुर्खियों में है, भोपाल पुलिस के ऊपर मामले को रफा-दफा करने का आरोप लग रहा है।
  • काम हथियाने के साथ ही दुशमनी निकालने के लिये भी किया जाता था हनीट्रैप का इस्तेमाल
    इंदौर और भोपाल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद प्रदेश में हड़कंप मचाने वाली हनीट्रैप में शामिल महिलाओं का उपयोग दोस्ती और दुश्मनी निभाने में भी किया जाता था। सुत्रो का दावा है की राजनेता, सीनियर नौकरशाह और बड़े व्यापारी इन महिलाओं को अपने दुश्मनों के पास भेजते थे। यह बात खुद पकड़ी गई महिलाओं से पूछताछ के बाद सामने आई है। एटीएस ने इंदौर और भोपाल पुलिस के सामने हनीट्रैप की आरोपित श्वेता जैन, श्वेता विजय जैन और बरखा सोनी से लंबी पूछताछ की तो सामने आया कि शिकार के फंसने के बाद आरोपी महिलाएं उनसे मोटी रकम ऐंठकर उनके सामने ही उनका आपत्तिजनक वीडियो डिलीट करने का नाटक भी करती थीं। लेकिन ऐसा होता नही था, शातिर महिलाऐ बाद मे यही वीडियो क्लिप संबंधित अफसरों को दे देती थीं। जो उन्हें अपने दुश्मनों के पास भेजते थे। वही महिलाएं भी अपने पास वीडियो क्लिप सुरक्षित रखती थीं। उसके बाद दोबारा उस वीडियो क्लिप का उपयोग कोई काम निकालने के लिए करती थीं। संबंधित अफसर अपने दोस्तों को भी इनसे मिलवाते थे। एटीएस की पूछताछ में कई नेता, बिल्डर और वरिष्ठ नौकरशाहों के बारे में खुलासा हुआ कि ये लोग दोस्ती और दुश्मनी के लिए इनका उपयोग करते थे।
  • 200 नंबरों की चल रही जांच
    इंदौर पुलिस हनीट्रैप में शामिल महिलाओं से बरामद हुए मोबाइलों के कॉल डिटेल खंगाल रही है। वही आरोपी महिलाओ के फर्जी कागजात के आधार पर होटल मे रुकने के ओर वहॉ अशलील वीडीयो बनाने की बात सामने आने पर जहॉ उनकी मुशकिले ओर भी बढती नजर आ रही है, वही पुलिस करीब 200 मोबाइल नंबरों की पहचान कर उनकी जांच कर रही है। इन नंबरों की जानकारी निकाली जा रही है।
  • दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर फिर बोला हमला – भाजपा के पूर्व युवा मोर्चो के प्रदेश अध्यक्ष पर लगाये आरोप
    हनी ट्रैप मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। रविवार को इंदौर में सिंह ने कहा कि जब भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जीतू जिराती थे, तब हनी ट्रैप मामले में आरोपी श्वेता विजय जैन महामंत्री थी। उन्होंने कहा कि इस बात का पता आप लगा सकते हैं। दिग्विजय ने महाराष्ट्र के एक मंत्री के भी मामले में शामिल होने का इशारा किया। दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह के आरोप को जीतू जिराती ने नकार दिया है। रविवार को सिंह ने इंदौर में कहा कि मीडिया को यह पता लगाना चाहिए कि भाजपा के एक कलाकार नेता सागर में श्वेता जैन के पति विजय की दुकान का शुभारंभ करने गए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की देवेन्द्र फडणवीस सरकार के एक मंत्री निलंगेकर का श्वेता जैन से क्या संबंध था। इसका भी पता लगाना चाहिए। निलंगेकर भाजयुमो महाराष्ट्र के अध्यक्ष रहे हैं। हनी ट्रैप मामले में दिग्विजयसिंह के आरोपों का भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतू जिराती ने खंडन किया। उन्होंने कहा- मैं जिस समय भाजयुमो का प्रदेश अध्यक्ष था, उस समय श्वेता जैन भाजयुमो की महामंत्री नहीं थी। इस मामले में कमलनाथ सरकार किसी भी एजेंसी से जांच करवा सकती है। जो भी आरोपी हैं, अपराधी हैं, उनका नाम सामने लाएं।