नए मोटर वाहन अधिनियम पर केंद्र-राज्य आमने-सामने


नई दिल्ली । नए मोटर वाहन अधिनियम में भारी जुर्माना लगाए जाने को लेकर राज्य सरकारों और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के बीच मतभेद का मामला अब महान्यायवादी (अटॉर्नी जनरल) के।के। वेणुगोपाल के कार्यालय तक पहुंच गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय विधान का प्रवर्तन टालने के लिए राज्य सरकार की शक्तियों पर अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल से कानूनी राय मांगी गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा जुर्माना घटाने के मुद्दे पर भी राय मांगी गई है। भाजपा शासित गुजरात सहित कई राज्य सरकारों ने भारी जुर्माने को लेकर मचे बवाल के बीच यातायात नियम उल्लंघन पर नए एमवी (संशोधन) अधिनियम के क्रियान्वयन को टाल दिया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए 18 समाधेय अपराधों के लिए जुर्माने में कमी की घोषणा की है । रूपाणी के नए एमवी अधिनियम के क्रियान्वयन को टालने के फैसले का दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया है। इसके बाद नितिन गडकरी के नेतृत्व वाले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कानून मंत्रालय से यह पता लगाने के लिए कानूनी राय मांगी कि क्या राज्य सरकारों के पास संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित केंद्रीय कानून को लागू करने की तिथि को टालने का पर्याप्त अधिकार है या नहीं।