हंसी उड़ते ही बोला सब बेमान ! सब हंसते रहे…

सीहोर । पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने पत्रकारों को दिया बयान सोशल मीडिया में वायलर हुआ। अस्पताल में हुए कार्यक्रम के बाद मीडिया ने उनसे बात करना चाही। प्रज्ञा ने मीडिया से कहा कि यहां एक भी पत्रकार ईमानदार नहीं है। हम बोल रहे हैं सुनो तुम्हारी तारीफ, जितने भी सीहोर के मीडिया वाले बेईमान हैं। बयान वायरल होते ही वरिष्ठ पत्रकारों ने एक स्वर में कहा”दुःखद अनुभूति भोपाल लोकसभा क्षेत्र से भारी बहुमतों जीत हासिल कर इस तरह के बयान पत्रकारिता पर आघात पत्रकारों पर बेबाक आरोप जो घोर निंदनीय है सामाजिक अपराध है ठोस कदम पत्रकार संगठनों को उठाने चाहिए । अंग्रेज़ी का शब्द है, लूज़ टाक ही कहना उचित है सांसद होने के बाद भी वर्तमान के प्रति ज़िम्मेदारी और भविष्य के प्रति नज़रिये का अभाव कितना असहनीय हो रहा है।

वरिष्ठ महिला पत्रकार विधु लता सम्पादक औरत पत्रिका ने पोस्ट किया “प्रज्ञा ठाकुर जी अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है ,पार्टी हाईकमान को कड़ा एक्शन लेने की जरूरत है, जब से भोपाल की जनता ने उन्हें चुना है ,वो अनर्गल बकवास किये जा रही है ,वो कड़ी निंदा के लायक हैं कोई शक नही” वही युवा पत्रकार राहुल चौकसे ने वीडियो सहित सवाल उठाया “लीजिये विवादित बोल के लिए प्रसिद्ध होती जा रहीं माननीया सांसद महोदया साध्वी प्रज्ञा सिंह के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लग गए। एफआईआर की मांग की गई है। आवेदन दिया गया। उन्हीं के संसदीय क्षेत्र के सीहोर जिले में पत्रकारों ने सौंपा है। शुक्र है कि कुछ पत्रकार दमदारी से अपनी ईमानदारी पर कीचड़ उछलता नहीं देखना चाहते हैं। संसदीय जनप्रतिनिधि और संवादीय जनप्रतिनिधि के मध्य मर्यादा की भी सीमा होती है। मज़ाक में इसे लांघा नहीं जाना चाहिए। आश्चर्य है कि कैमरा चालू होने की जानकारी दिए जाने के बाद भी दम्भ मिश्रित आत्मविश्वास के साथ वे आरोप लगा रहीं हैं।

  • यह कहाँ तक उचित है?
  • क्या सांसद इसीलिए होते हैं?
  • क्या भाजपा की केंद्र शासित सरकार के माननीय पत्रकारों के प्रति यही नज़रिया रखते हैं?
  • क्या भाजपा की केंद्र सरकार स्वस्थ पत्रकारिता की पक्षधर है?

कांग्रेस मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्विटर किया “ये है भाजपा की सांसद प्रज्ञा ठाकुर जी , जो पूर्व में बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बता चुकी है , मुंबई बम ब्लास्ट में शहीद हेमंत करकरे की शहादत का मज़ाक़ उड़ा चुकी है , अब ये पत्रकारो को बेईमान बता रही है। मोदी जी आख़िर आप कब तक इन्हें माफ़ करते रहेंगे ?”