Monday, December 18, 2017
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धर्मज्ञ

  • 7 अगस्त को सामूहिक रूप से मनाया जायेगा श्रावणी उपाकर्म
  • PUBLISHED : Aug 05 , 5:43 AM
  • रक्षा बंधन (7 अगस्त, सोमवार) के दिन ब्राह्मणों द्वारा श्रावणी उपाकर्म किए जाने का विधान है। यह क्रिया पवित्र नदी के घाट पर सामूहिक रूप से की जाती है। जानिए क्या है श्रावणी उपाकर्म- श्रावणी उपाकर्म के तीन पक्ष है- प्रायश्चित संकल्प, संस्कार और स्वाध्याय। सर्वप्रथम होता है- प्रायश्चित रूप में हेमाद्रि स्नान संकल्प। गुरु के सान्निध्य में ब्रह्मïचारी गाय के दूध, दही, घी, गोबर, गोमूत्र तथा पवित्र कुशा से स्नानकर वर्षभर में जाने-अनजाने में हुए पापकर्मों का प्रायश्चित कर जीवन को सकारात्मकता से भरते हैं। स्नान के बाद ऋषिपूजन, सूर्योपस्थान एवं यज्ञोपवीत पूजन तथा नवीन यज्ञोपवीत धारण करते हैं। यज्ञोपवीत या जनेऊ आत्म संयम का संस्कार है। आज के दिन जिनका यज्ञोपवित संस्कार हो चुका होता है, वह पुराना यज्ञोपवित उतारकर नया धारण करते हैं और पुराने यज्ञोपवित का पूजन भी करते हैं । इस संस्कार से व्यक्ति का दूसरा जन्म हुआ माना जाता है। इसका अर्थ यह है कि जो व्यक्ति आत्म संयमी है, वही संस्कार से दूसरा जन्म पाता है और द्विज कहलाता है। उपाकर्म का तीसरा पक्ष स्वाध्याय का है। इसकी शुरुआत सावित्री, ब्रह्मा, श्रद्धा, मेधा, प्रज्ञा, स्मृति, सदसस्पति, अनुमति, छंद और ऋषि को घी की आहुति से होती है। जौ के आटे में दही मिलाकर ऋग्वेद के मंत्रों से आहुतियां दी जाती हैं। इस यज्ञ के बाद वेद-वेदांग का अध्ययन आरंभ होता है। इस प्रकार वैदिक परंपरा में वैदिक शिक्षा साढ़े पांच या साढ़े छह मास तक चलती है। वर्तमान में श्रावणी पूर्णिमा के दिन ही उपाकर्म और उत्सर्ग दोनों विधान कर दिए जाते हैं। प्रतीक रूप में किया जाने वाला यह विधान हमें स्वाध्याय और सुसंस्कारों के विकास के लिए प्रेरित करता है। राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य अशोक भारद्वाज द्वारा दी गई जानकारी अनुसार प्रदेश में राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा परिवार द्वारा मध्यप्रदेश में अवंतिका नगरी उज्जैन, ओम्कारेश्वर, महाकाल, निरवार घाट, गौरीघाट जबलपुर, विद्याधाम परिसर इंदौर, शीतलदास की बगिया भोपाल में भी श्रावणी उपाकर्म समारोह का आयोजन किया जा रहा हैं। जहाँ उज्जैन में पंडित यश शर्मा(महाकाल पुजारी), पंडित श्री डंकेश्वर शास्त्री (ओम्कारेश्वर), अखिलेश शास्त्री इंदौर में, डॉ. अरविन्द पचौरी भोपाल में, पंडित अनुज तिवारी निरवार में श्रावणी उपाकर्म समारोह कराएंगे।
  • आज रात 12 बजे खुलेंगे महाकाल के नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट
  • PUBLISHED : Jul 27 , 3:43 AM
  • उज्जैन | महाकाल के श्री नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पट गुरुवार रात 12 बजे खुलेंगे, जो शुक्रवार रात 12 बजे बंद हो जाएंगे। यहां सालभर में एक दिन नागपंचमी पर ही आम लोग दर्शन कर सकते हैं। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति विश्वभर के श्रद्धालुओं को नाग प्रतिमा के घर बैठे लाइव दर्शन कराएगी।
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