Monday, December 18, 2017
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पीएचई में दो दर्जन अफसर कर रहे प्रभार पर काम

पीएचई में दो दर्जन अफसर कर रहे प्रभार पर काम
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भोपाल।  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग में प्रमुख अभियंता जीएस डामोर सहित दो दर्जन अफसर प्रभार पर काम कर रहे हैं। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। हैंडपंपों की मरम्मत हो या नलजल योजनाओं का रखरखाव, इन पर निर्णय में दिक्कत आती है। 250 से 300 किमी दूर बैठे अफसरों को फाइल भेजी जाती है या उनके आने का इंतजार होता है। ऐसे निर्णयों में कई बार एक से डेढ़ माह लग जाता है। अब जब गर्मी की दस्तक आने वाली है तो प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा हैंडपंप और 3500 से ज्यादा नलजल योजनाएं बंद पड़ी हैं। इन्हें चालू करने के लिए तत्काल निर्णय लेने की जरूरत है, लेकिन प्रभार पर चल रहे जिलों में अफसरों की अनुपस्थिति की वजह से देरी हो रही है। प्रभारी अफसर 15 दिन या महीने में दो दिन प्रभार वाले जिलों में जाते हैं। शेष दिनों पर अधिनस्थ कर्मचारियों को फाइल लेकर अफसर के पास जाना पड़ता है। पदोन्न्ति में आरक्षण को लेकर विभागीय कर्मचारियों ने तीन साल पहले हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसके चलते तब से पीएचई में अफसरों की पदोन्नति अटकी है। इस बीच 16 अफसर रिटायर हो गए और कई महत्वपूर्ण पद खाली हुए, जिसे अतिरिक्त प्रभार के जरिये भरा गया। वैसे तो अफसरों को प्रभार देना विभाग की मजबूरी है, लेकिन इसमें चहेतों का ख्याल रखा गया है। जबलपुर, रीवा सहित अन्य जिलों में स्थानीय स्तर पर अफसर पदस्थ होने के बावजूद प्रभार भोपाल और जबलपुर के अफसरों को दिया गया है।

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