Monday, December 18, 2017
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इंडियन ऑयल उपभाक्ताओं को 6 लाख तक का देता हैं बीमा

इंडियन ऑयल उपभाक्ताओं को 6 लाख तक का देता हैं बीमा
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लोकोत्तर संवाददाता, भोपाल। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन अपने उपभोक्ताओं को मृत्यु और दुर्घटना बीमा भी देता है शायद यह बात कम ही लोग जानते होंगे लेकिन देशभर में इंडियन ऑयल ने वर्ष 2016-17 में 473 लोगों को बीमा की राशि देने के लिए चिन्हित किया जिसमें से 290  गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं को बीमा की यह राशि दी जा चुकी है। शेष उपभोक्ताओं को साल अंत  तक राशि दे दी जाएगी। मृत्यु बीमा पर जहां 6 लाख रुपये दिये जाते हैं तो ेदुर्घटना बीमा पर 2 लाख का मेडिकल क्लेम मिलता है। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के मध्यप्रदेश के चीफ जनरल मैनेजर विज्ञान कुमार ने बताया कि मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के कोषालयों में पिछले वित्तीय वर्ष में 5000 करोड़ रूपये का योगदान रहा जिसमें से 3650 करोड़ मध्यप्रदेश तथा 1350 करोड़ रूपये छत्तीसगढ़ के हिस्से में गए। 
1 अप्रैल 2016 तथा 1 अगस्त 2017 के बीच मध्यप्रदेश में एलपीजी का विस्तार 17 प्रतिशत से बढ़ गया जबकि छत्तीसगढ़ में यह 23.6 प्रतिशत से बढ़ गया। 1 अगस्त 2017 तक गरीबी रेखा से नीचे रह रहे इन दोनों राज्यों के 40.26 लाख लोगों को प्रधान मंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिले। स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड के साथ मिलकर रीवा के निकट 3000-6000 करोड़ रूपये की लागत से एक सौर पार्क का विकास किया जा रहा है जिसकी क्षमता 250 से 500 मेगावाट उत्पादन की रहेगी। इसके अतिरिक्त इन्दौर, भोपाल एवं रायपुर में छतों पर सोलर पैनल लगाये जाकर सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। महाप्रबंधक कार्पोरेशन संचार साधना खेरा मित्तल ने बताया कि स्वच्छ ऊर्जा पहल के तहत फुटकर केन्द्रों को सौर ऊर्जा में परिवर्तित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में 300 तथा छत्तीसगढ़ में 75 केन्द्र सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं। वर्ष 2017-18 में मध्यप्रदेश में 200 तथा छत्तीसगढ़ में 50 और फुटकर केन्द्रों को सौर ऊर्जा में परिवर्तित करने की योजना है। कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में विभिन्न गांवों में सोलर लाइट, बोरवेल तथा शौचालय सहित कम्युनिटी हाल के निर्माण पर 87 लाख रूपये खर्च किये गए। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 के लिए लगभग 26 गांवों में पीने के पानी, स्वच्छताख् सोलर लाइट तथा क्रिस्प के सहयोग  से कौशल विकास भवन के निर्माण पर लगभग 2 करोड़ रूपये का व्यय प्रस्तावित है। 
इसी तरह इंडियन ऑयल कार्पोरेशन जल्द ही मध्यप्रदेश के जिलों में ग्रीन फील्ड एलपीजी बाटलिंग प्लांट स्थापित करने जा रहा है। मध्यप्रदेश और  छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास के लिए इस वर्ष 1000 करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा। इसके तहत 125 करोड़ की लागत से मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के मालनपुर तथा मण्डला जिले के मनेरी एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा में ग्रीन फील्ड एलपीजी बाटलिंग प्लांट की स्थापना की जाएगी। यह प्लांट प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से उत्पन्न मांग को पूरा करने में मदद करेंगे। वहीं सीहोर जिले के फंदा कलां में 250 करोड़ रूपये की लागत से पीओएल कॉमन यूजर फेसिलिटी का विकास किया जाएगा। इसी प्रकार 347.2 करोड़ की लागत से हायड्रोकार्बन अधोसंरचना विकास कार्य किया जाएगा। 
इतना ही नहीं मध्यप्रदेश में इंडियन ऑयल के 7 ऑइल टर्मिनल डिपो हैं जो कि जबलपुर, सिंगरौली, रतलाम, ग्वालियर, इन्दौर, इटारसी एवं सागर में स्थित हैं। एलपीजी जरूरतों को पूरा करने मध्यप्रदेश में भोपाल, गुना और उज्जैन में तीन बाटलिंग प्लांट संचालित हैं। छत्तीसगढ़ में तेल आपूर्ति भिलाई, बिलासपुर तथा बिसरामपुर डिपो से की जाती है जबकि एलपीजी की मांग पूरी करने हेतु रायपुर प्लांट कार्यरत है। मध्यप्रदेश में विमानन ईंधन आपूर्ति भोपाल, इन्दौर और खजुराहो केन्द्रों से की जाती है। वर्ष 2016-17 में पीओएल बिक्री 3815 हजार मीट्रिक टन थी। मध्यप्रदेश में इंडियनऑयल की बाजार हिस्सेदारी 44.5 प्रतिशत है।

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