Monday, December 18, 2017
Headlines
भ्रष्ट अधिकारियों पर फिर बिफरे सीएम, बोले भ्रष्टों को टांग दो  ||   भोपाल में खुले में शौच पर लगाया 500 रुपये का जुर्माना  ||   धूमधाम से मनाया गया शंकराचार्य जी का प्राकट्योत्सव  ||  सच में लोकतंत्र है तो धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ नहीं होगा : आजम खान  ||  मुस्लिम महिलाओं के लिए नए युग की शुरुआत : अमित शाह  ||  ट्रिपल तलाक पर के फैसले पर बोले पीएम, महिला सशक्‍तीकरण की दिशा में अहम कदम  ||  मोदी कैबिनेट का जल्द हो सकता है विस्तार  ||  ट्रिपल तलाक के फैसले पर औवेसी का जानिए रिएक्शन  ||  संघर्ष समाप्त करने के लिए एकमात्र रास्ता है बातचीत: PM मोदी  ||  Jet Airways की बड़ी लापरवाही, 174 यात्रियों की जान खतरे में डाली  ||  7 अगस्त को सामूहिक रूप से मनाया जायेगा श्रावणी उपाकर्म  ||  राहुल गांधी कार हमला मामले में BJP के युवा मोर्चा का नेता गिरफ्तार  ||  सोपोर में मुठभेड़, 3 आतंकी ढेर, 1 जवान घायल  ||  98.21% हुआ मतदान, शाम 7 बजे नए उप राष्ट्रपति के नाम का ऐलान  ||  PM मोदी ने रामेश्वरम में किया डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक का उद्घाटन  ||  न्यूनतम वेतन विधेयक को केन्द्र से मिली मंजूरी, 4 करोड़ कर्मचारियों को मिलेगी राहत  ||  राहुल-शरद यादव की मुलाकात से JDU-BJP में हड़कंप  ||  आज रात 12 बजे खुलेंगे महाकाल के नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट  ||   अनोखे लड्डू गोपाल भोपाल में  ||  रूस व नेपाल के उप प्रधानमंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी से भेंट की  ||  

इस साल आम आदमी की थाली से गायब नहीं होगी दाल

इस साल आम आदमी की थाली से गायब नहीं होगी दाल
Bookmark and Share

 इंदौर (ए)। पिछले वर्ष दालों की खुदरा कीमतों में अनाप-शनाप उछाल ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया था लेकिन मौजूदा सत्र के दौरान देश में दलहनी फसलों की अच्छी पैदावार, सरकार द्वारा दालों का बफर स्टॉक तैयार करने और विदेशों से दालों के बड़े आयात के मद्देनजर उद्योग जगत के जानकारों को लगता है कि इस साल दालों की कीमतें नियंत्रण में बनी रहेंगी। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने मीडिया से कहा, हमें उम्मीद है कि देश में इस साल दालों की पर्याप्त उपलब्धता के चलते इनकी कीमतें आम आदमी की पहुंच में बनी रहेंगी। उन्होंने बताया कि इस साल दालों की खपत 240 से 260 लाख टन के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अनुकूल मौसमी हालात और रकबे में इजाफे के चलते दलहनी फसलों की पैदावार 200 लाख टन के आस-पास रह सकती है। सरकार घरेलू खरीद और आयात के जरिये दालों का 20 लाख टन का बफर स्टॉक तैयार करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके अलावा, मौजूदा साल में कारोबारियों के स्तर पर भी करीब 40 लाख टन दाल आयात का अनुमान है। अग्रवाल ने कहा, इन कारकों के चलते इस साल घरेलू बाजार में दालों की उपलब्धता पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ेगी। नतीजतन पिछले साल की तरह इनकी खुदरा कीमतों में अचानक भारी उछाल की संभावना कम ही है। उन्होंने बताया कि भारत को म्?यांमार, तंजानिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन और यूक्रेन  प्रमुख रूप से दाल निर्यात करते हैं। इस बीच, भारत में दालों की खासी खपत को देखते हुए मोजाम्बिक, मलावी और केन्या जैसे अफ्रीकी देशों में भी दलहनी फसलों, खासकर तुअर की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अग्रवाल ने कहा, ये अफ्रीकी मुल्क भारत को दलहनी फसलों के बड़े बाजार की तरह देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश में पिछले साल दालों की खुदरा कीमतों में तेजी के बाद परंपरागत रूप से सोयाबीन, गेहूं, सरसों और कपास उगाने वाले किसानों ने भी इस वर्ष दालों की खेती को तरजीह दी है। जानकारों के मुताबिक देश की प्रमुख मंडियों में इन दिनों दलहनी फसलों की अच्छी आवक हो रही है। इससे इनकी कीमतों में गिरावट का दौर जारी है।

investigate

Prev Next

ओर भी..

View All

चकल्लस

ट्रिपल तलाक के फैसले पर औवेसी का जानिए रिएक्शन

Jet Airways की बड़ी लापरवाही, 174 यात्रियों की जान खतरे में

संतों से क्यों कन्नी काट रहे हैं कमलनाथ

मलेरिया की आड़ में साहब की नई गाड़ी

Next Prev
Copyright © 2012
Designing & Development by Swastikatech.com