सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का भुगतान भी रोका

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री विवाह योजना के बाद फिर की कार्यवाही
डॉ. नवीन जोशी
भोपाल। प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने अब मुख्यमंत्री विवाह/निकाह योजना के बाद सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में भी हितग्राहियों का भुगतान रोक दिया है। दोनों में ही मुख्य कारण हितग्राहियों की संख्या में अप्रत्याशित रुप से अत्यधिक वृध्दि होना पाया जाना है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में मासिक भुगतान गत अगस्त माह से रोका हुआ है तथा इस सितम्बर माह में भी इसका भुगतान नहीं किया गया है।
इस संबंध में राज्य सरकार के सामाजिक न्याय विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि विभाग द्वारा संचालित समस्त पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों का भौतिक सत्यपान कराया जाकर मृत, अपात्र एवं पलायन कर चुके हितग्राहियों का नाम पेंशन पोर्टल से विलोपित कर उनकी पेंशन बंद किये जाने हेतु गत 31 अगस्त 2019 को निर्देश दिये गये थे। परन्तु अब जब इस निर्देश के परिपालन की प्रगति की समीक्षा की गई तो पाया गया कि कुल 44 लाख 73 हजार 685 पेंशन हितग्राहियों में से मात्र 18 लाख 15 हजार 676 पेंशन हितग्राहियों का ही भौतिक सत्यापन जिलों द्वारा किया गया है तथा 26 लाख 58 हजार 9 पेंशन हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन किया जाना अभी शेष है। इस स्थिति से स्पष्ट है कि पेंशन हितग्राहियों के भौतिक सत्यापन का कार्य स्थानीय निकायों द्वारा अपेक्षित गति से नहीं किया जा रहा है जिससे अपात्र व्यक्ति को भी पेंशन प्राप्त होने की संभावना है।
वित्त विभाग ने रोकी पेंशन :
सामाजिक न्याय विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को बताया है कि वित्त विभाग द्वारा विगत माहों में पेंशन हितग्राहियों की संख्या में अप्रत्याशित वृध्दि होने का उल्लेख करते हुये शीघ्र उच्च स्तरीय जांच प्रारंभ करने तथा जांच पूर्ण होने तक हितग्राहियों को पेंशन के लाभ का वितरण लंबित रखे जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसलिये 15 दिन के अंदर अभियान चलाकर सत्यापन कार्य किया जाये और केवल पात्र व्यक्तियों को ही पेंशन के भुगतान के प्रस्ताव भेजे जायें। यदि अपात्र व्यक्ति को पेंशन का भुगतान होता है तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित जिले/स्थानीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों की होगी। सत्यापन के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में अगस्त और सितम्बर माह में किसी भी हितग्राहियों का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसा इनकी संख्या में अत्यधिक वृध्दि होने के कारण है। अब सत्यापन के बाद ही इन हितग्राहियों को भुगतान हो सकेगा।