ऑपिनियन पोल में महाराष्ट्र – हरियाणा में भाजपा की वापसी

नई दिल्ली । ऑपिनियन पोल में महाराष्ट्र – हरियाणा में भाजपा की वापसी की भविष्यवाणी की गई है। महाराष्ट्र में सर्वे के मुताबिक, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना फिर से वापसी कर रही हैं। एबीपी न्यूज/सी-वोटर के सर्वे के मुताबिक, दोनों पार्टियां अगर साथ लड़ती हैं तो 200 के आंकड़े को पार कर सकती हैं। वहीं, कांग्रेस और एनसीपी के लिए एकबार फिर मुश्किल हो सकती है। वर्तमान सीएम देवेंद्र फडणवीस सीएम के रूप में पहली पसंद बने हुए हैं। वहीं हरियाणा में चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद आए एबीपी न्यूज़/सी वोटर के ऑपिनियन पोल के मुताबिक भाजपा को हरियाणा की कुल 90 में से 78 सीटें मिल सकती हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए मनोहर लाल खट्टर पहली पसंद बताए गए हैं।
महाराष्ट्र में 2014 के विधानसभा चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। यही नहीं कांग्रेस और एनसीपी ने भी अलग-अलग ही चुनाव लड़ा था। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसे कुल 122 सीटें मिली थीं। दूसरे नंबर पर रही शिवसेना को 63 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को कुल 41 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। इस बार अनुमान है शिवसेना-भाजपा गठबंधन को 288 में से 205 सीटों पर जीत मिल सकती है। कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन को 55 सीटों पर जीत मिल सकती है। इसके अलावा अन्य को 28 सीटें मिलने का अनुमान है। वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 46 प्रतिशत, कांग्रेस-एनसीपी को 30 प्रतिशत और अन्य को 24 पर्सेंट वोट मिल सकते हैं।
अभी तक बीजेपी और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। 2014 में भी इसी कारण से गठबंधन टूट गया था और दोनों पार्टियां अलग-अलग लड़ी थीं। इस बार भी अगर ऐसा होता है तो सबसे बड़ा झटका शिवसेना को लग सकता है। सर्वे के मुताबिक, अकेले लड़ने पर बीजेपी को 144, शिवसेना को 39, कांग्रेस को 21, एनसीपी को 20 और अन्य को 64 सीटें मिल सकती हैं। ऐसी स्थिति में बीजेपी को 31 प्रतिशत, शिवसेना को 15 प्रतिशत, कांग्रेस को 16 प्रतिशत, एनसीपी को 12 प्रतिशत और अन्य को 26 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है।
वहीं हरियाणा में भाजपा पिछली बार से बहुत ज्यादा सीटों के साथ राज्य की सत्ता में वापसी करने जा रही है। एबीपी न्यूज़/सी-वोटर के सर्वे के मुताबिक बीजेपी को हरियाणा की कुल 90 में से 78 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 8 सीटें, जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)के खाते में 1 सीट और अन्य के खाते में 3 सीटें जा सकती हैं। हरियाणा में 2014 के विधानसभा चुनाव में राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा को 47 सीटें मिली थीं। कांग्रेस के खाते में 15 सीटें और आईएनएलडी के खाते में 19 सीटें जबकि हरियाणा जनहित कांग्रेस के खाते में 2 सीटें आई थीं। बीएसपी और अकाली दल को 1-1 सीटों पर जीत मिली थी। 5 विधानसभा सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे।
एबीपी न्यूज़/सी वोटर के ऑपिनियन पोल के मुताबिक, वोट शेयर के मामले में भी भाजपा बहुत आगे निकलती दिख रही है। अनुमान है कि 21 अक्टूबर को होने वाले मतदान में भाजपा को 46 फीसदी वोट मिल सकते हैं। वहीं कांग्रेस वोट शेयर के मामले में बहुत पिछड़ती दिख रही है। ऑपिनियन पोल के मुताबिक, कांग्रेस को भाजपा के मुकाबले आधे से भी कम 22 फीसदी, जेजेपी को 8 फीसदी, आईएनएलडी को 3 फीसदी और अन्य पार्टियों को 21 फीसदी वोट मिल सकते हैं।